निम्नलिखित में से प्रत्येक में सही उत्तर को रगंइए —
- अध्ययन की सुगमता के लिए कान या कर्ण को मुख्य रूप से कितने भागों में बाँटा गया है?
- दो भागों में
- तीन भागों में
- चार भागों में
- पाँच भागों में
- आँख के पूरे गोले की लम्बाई/व्यास लगभग कितनी होती है?
- 34 मिलीमीटर
- 44 मिलीमीटर
- 14 मिलीमीटर
- 24 मिलीमीटर
- तेल ग्रन्थियों से मुख्य रूप से किस प्रकार का पदार्थ निकलता है?
- अम्लीय पदार्थ
- तैलीय पदार्थ
- गैसीय पदार्थ
- जलीय पदार्थ
- पलकों के किनारों पर पाई जाने वाली बालों की कतार को क्या कहते हैं?
- दृढ़-पटल
- बरौनियाँ
- पीत-बिन्दु
- आइरिस
- ग्रन्थियों से निकलने वाले अश्रु-जल का मुख्य कार्य क्या है?
- नेत्रों की सफ़ाई करना और नम रखना
- आँखों को गन्दा करना
- प्रकाश को रोकना
- दृष्टि को धुंधला करना
- त्वचा की सबसे ऊपरी परत को वैज्ञानिक भाषा में क्या कहते हैं?
- श्लेष्मा परत
- वसा स्तर
- अन्तः त्वचा
- बाह्य त्वचा
- आँख की मांसपेशियों और लेंस द्वारा दूरी के अनुसार फोकस बदलने की इस प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
- विचलन
- समायोजन क्रिया
- परावर्तन
- अपवर्तन
- कुकर खाँसी, निमोनिया और इन्फ्लूएंजा आदि रोगों का विष किस नली द्वारा मध्य कर्ण में प्रविष्ट होता है?
- कण्ठ-कर्ण नली
- आहार नली
- नासिका अश्रु नलिका
- श्वसन नली
- लेंस के पीछे वाले बड़े कोष्ठ में भरे गाढ़े, जिलेटिन जैसे पारदर्शक द्रव को क्या कहते हैं?
- लसीका
- रक्तक द्रव
- जलीय द्रव
- काचाभ द्रव
- लेंस का मुख्य कार्य क्या है?
- वस्तु का प्रतिबिंब दृष्टि-पटल के पीत-बिन्दु पर सही रूप में बनाना
- आँसू बनाना
- प्रकाश को रोकना
- आँख को रंग देना
- आँखों के आँसू नाक के भीतर किस नलिका द्वारा पहुँचते हैं?
- नासिका अश्रु नलिका
- आहार नाल
- श्रवण नलिका
- श्वसन नलिका
- तीव्र प्रकाश की चकाचौंध का प्रभाव नेत्रों पर क्यों नहीं पड़ता?
- क्योंकि पुतली स्वतः सिकुड़कर छोटी हो जाती है
- क्योंकि कॉर्निया अपारदर्शी हो जाता है
- क्योंकि आँखें पानी छोड़ देती हैं
- क्योंकि लेंस बंद हो जाता है
- गन्ध का तीव्र अनुभव लगाने के लिए मनुष्य को क्या करना पड़ता है?
- मुँह खोलना पड़ता है
- आँखें बंद करनी पड़ती हैं
- धीरे से सांस छोड़नी पड़ती है
- तीव्रता से सूँघना पड़ता है
- अन्तः कर्ण का वह भाग जो घोंघे की भाँति कुण्डली मारे रहता है, क्या कहलाता है?
- निहाई
- मुग्दर
- कॉर्कलिया
- वेस्टीब्यूल
- उत्तेजना के फलस्वरूप उत्पन्न आवेगों को मस्तिष्क तक कौन पहुँचाता है?
- दृष्टि तन्त्रिका
- स्वाद तन्त्रिका
- त्वचा तन्त्रिका
- श्रवण तन्त्रिका
- जब बहुत पास की वस्तुएँ देखनी होती हैं, तो कौन-सी पेशियाँ संकुचित होती हैं?
- हृदय पेशियाँ
- कंकाल पेशियाँ
- सीलियरी पेशियाँ
- रैक्टस पेशियाँ
- कला गहन के आंतरिक भागों के भीतर भरे हुए द्रव को क्या कहते हैं?
- प्लाज्मा
- पेरिलिम्फ
- एण्डोलिम्फ
- हीमोग्लोबिन
- चेहरे पर त्वचा की मोटाई सामान्यतः लगभग कितनी होती है?
- 5 सेमी
- 1/8 सेमी
- 2 सेमी
- 1 सेमी
- शरीर के किस भाग पर त्वचा सबसे मोटी होती है?
- चेहरे पर
- आँखों की पलकों पर
- कानों के पीछे
- तलुवे व हथेली पर
- कान के सबसे अन्तिम और भीतरी भाग को क्या कहा जाता है?
- कर्णपाली
- मध्य कर्ण
- बाह्य कर्ण
- अन्तः कर्ण
- अश्रु नलिकाएँ पलकों के नीचे कहाँ खुलती हैं?
- रेटिना के पास
- पलकों के भीतरी कोनों
- कॉर्निया के ठीक पीछे
- लेंस के ऊपर
- आँखों को बाहर से ढकने और धूल-मिट्टी से रक्षा करने का कार्य कौन करता है?
- कॉर्निया
- रेटिना
- लेंस
- ऊपरी और निचली पलकें
- सस्पेंसरी लिगामेंट के ढीले पड़ने पर आँख के लेंस के आकार पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- लेंस प्रसारित होकर अधिक बाईकॉन्वेक्स हो जाता है
- लेंस चपटा हो जाता है
- लेंस का आकार छोटा हो जाता है
- लेंस अवतल हो जाता है
- यदि कोई बालक जन्म से ही बहरा हो, तो अनिवार्य रूप से उसके शरीर की कौन-सी शक्ति प्रभावित होती है?
- देखने की शक्ति
- चलने की शक्ति
- बोलने की शक्ति
- पाचन की शक्ति
- त्वचा हमारे शरीर का कैसा आवरण है जो विभिन्न अंगों की रक्षा करता है?
- प्राकृतिक आवरण
- केवल बाहरी परत
- अस्थाई आवरण
- कृत्रिम आवरण
- दृढ़ पटल किसकी आन्तरिक रचना है?
- आँख
- त्वचा
- जिह्वा
- नाक
- कान के भीतर पाई जाने वाली ‘अर्द्धचन्द्राकार नलिका’ का मुख्य कार्य क्या है?
- केवल सुनना
- मोम बनाना
- शरीर का संतुलन बनाए रखना
- मैल साफ़ करना
- मानव शरीर के किस अंग को ‘स्पर्शेन्द्रिय’ कहा जाता है जो पूरे शरीर को ढके रहता है?
- नाक
- त्वचा
- कान
- आँख
- रोते समय नाक से पानी आने का मुख्य कारण कौन-सी नलिका है?
- नासिका अश्रु नलिका
- दृष्टि तन्त्रिका
- रक्त नली
- कण्ठ नली
- सीलियरी पेशियों के संकुचन से सस्पेंसरी लिगामेंट पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- वे ढीले पड़ जाते हैं
- वे टूट जाते हैं
- वे अत्यधिक खिंच जाते हैं
- वे कड़े हो जाते हैं
- बाह्य त्वचा में पाए जाने वाले सूक्ष्म कण का मुख्य कार्य क्या है?
- त्वचा को गीला रखना
- पसीना बाहर निकालना
- बाल उगाना
- शरीर को रंगों की उपलब्धि कराना
- आँख का कौन-सा भाग कैमरे के ‘डायाफ्राम’ की तरह काम करता है जो प्रकाश को नियंत्रित करता है?
- रेटिना
- काचाभ द्रव
- दृढ़-पटल
- आइरिस और पुतली
- बालों की जड़ के पास स्थित अनियमित प्रकार की ग्रन्थियों को क्या कहा जाता है?
- तेल ग्रन्थियाँ
- अश्रु ग्रंथियाँ
- श्वेत ग्रंथियाँ
- पीयूष ग्रंथियाँ
- बालों के गड्ढों के पास स्थित कुण्डलीदार ग्रन्थियों को वैज्ञानिक भाषा में क्या कहते हैं?
- लार ग्रंथियाँ
- थायराइड ग्रंथियाँ
- पसीने की ग्रन्थियाँ
- दुग्ध ग्रंथियाँ
- लेंस आँख के गोले को कितने कोष्ठों या गुहाओं में विभाजित करता है?
- पाँच
- दो
- चार
- तीन
- अन्तः कर्ण की ‘अर्द्ध-चन्द्राकार नलिकाओं’ की संख्या कितनी होती है?
- तीन
- पाँच
- दो
- चार
- अश्रु ग्रन्थियाँ सम्बन्धित होती हैं
- कॉर्निया
- माँसपेशियाँ
- पुतली
- बरौनियों
- अत्यधिक सुख या दुःख की अवस्था में आँखों से क्या बहने लगता है?
- जलीय द्रव
- काचाभ द्रव
- रक्त
- अश्रु-जल
- हमारे नेत्रों की ‘खिड़की’ किसे कहा जाता है, जहाँ से प्रकाश प्रविष्ट होता है?
- कॉर्निया को
- पीत-बिन्दु को
- रेटिना को
- लेंस को
- आँख के गोले का आकार सामान्यतः कैसा दिखाई देता है?
- एक छोटी गेंद की भाँति गोलाकार
- पूरी तरह चौकोर
- चपटा और त्रिकोणीय
- बेलनाकार
- रेटिना की कोशिकाओं में पाया जाने वाला नामी रंगीन पदार्थ कौन-सा है?
- मेलानिन
- क्लोरोफिल
- हीमोग्लोबिन
- रोडोप्सिन
- धुंधले या कम प्रकाश में पुतली का आकार कैसा हो जाता है?
- छोटा हो जाता है
- गायब हो जाता है
- फैलकर बड़ा हो जाता है
- चपटा हो जाता है
- बाह्य त्वचा की सबसे ऊपरी परत जिसकी कोशिकाएँ मृत होती हैं, क्या कहलाती है?
- अंकुर स्तर
- मैलपीघियन स्तर
- अंतः स्तर
- श्रृंगी स्तर
- रेटिना के केन्द्र में स्थित वह स्थान जहाँ प्रकाश की किरणें केन्द्रित होती हैं और सबसे स्पष्ट प्रतिबिंब बनता है, क्या कहलाता है?
- कॉर्निया
- पुतली
- पीत-बिन्दु
- अन्ध-बिन्दु
- प्रकाश किरणों का कॉर्निया और लेंस से गुजरते समय मुड़ना क्या कहलाता है?
- परावर्तन
- प्रकाश का अपवर्तन/केन्द्रीकरण
- विसरण
- अवशोषण
- कॉक्लिया के भीतर पाई जाने वाली बारीक नसों के सिरों को क्या कहते हैं?
- श्रवण नलिकाएँ
- उपास्थि तंतु
- रक्त कोशिकाएं
- पेशी तंतु
- कॉक्लिया के अंडाकार छिद्र में ध्वनि तरंगें पहुँचने पर कहाँ तरंगें या लहरें उत्पन्न होती हैं?
- कान की हड्डियों में
- बाहरी हवा में
- मुख गुहा में
- भीतरी तरल पदार्थ में
- कान की संरचना में ‘मैलियस, इंकस और स्टेप्स’ क्या हैं?
- तीन छोटी हड्डियाँ
- तीन नसें
- तीन माँस-पेशियाँ
- तीन प्रकार के द्रव
- कानों में महीने में कितनी बार बरसों का तेल डालकर मैल निकाल लेना चाहिए?
- कभी नहीं
- एक
- दस बार
- हर रोज़
- आँखों से आँसू निकालने वाली ग्रन्थियों को वैज्ञानिक भाषा में क्या कहते हैं?
- लार ग्रन्थि
- अश्रु-ग्रन्थियाँ
- पीयूष ग्रन्थि
- थायराइड ग्रन्थि
- कान के किस भाग को वैज्ञानिक रूप से 'कला गहन' के नाम से जाना जाता है?
- कर्ण मार्ग को
- बाह्य कर्ण को
- अन्तः कर्ण को
- मध्य कर्ण को
- अर्द्ध-चन्द्राकार नलिकाओं का मुख्य कार्य क्या है?
- मोम का निर्माण करना
- ध्वनि को सुनना
- हवा के दबाव को कम करना
- शरीर को संतुलित दशा में रखना
- अन्तः कर्ण को मुख्य रूप से कितने भागों में विभाजित किया गया है?
- चार भागों में
- दो भागों में
- तीन भागों में
- पाँच भागों में
- 'स्मरणीय बिंदु' के अनुसार, जिन इन्द्रियों द्वारा हमें बाह्य जगत का ज्ञान होता है, उन्हें क्या कहते हैं?
- ज्ञानेन्द्रियाँ
- श्वसन अंग
- कर्मेन्द्रियाँ
- पाचक इन्द्रियाँ
- यदि आँख का लेंस पीत-बिन्दु पर सही प्रतिबिंब न बना पाए, तो वस्तु कैसी दिखाई देगी?
- गायब हो जाएगी
- बहुत साफ़
- उल्टी ही रहेगी
- धुंधला
- आँख के गोलकों को आघात से बचाने में कौन सहायक होती हैं?
- बरौनियों के आधार भाग में स्थित चर्बी भरी ग्रंथियाँ
- लेंस की पेशियाँ
- कॉर्निया की परतें
- रक्त वाहिकाएँ
- अन्तः त्वचा में धमनियों और सिराओं के फैले हुए जाल को क्या कहा जाता है?
- तन्त्रिका सूत्र
- वसा कण
- रक्त कोशिकाएँ
- रोम कूपिका
- लेंस की अपनी वक्रता को घटाने-बढ़ाने की क्षमता को क्या कहते हैं?
- अपवर्तन क्षमता
- अवशोषण क्रिया
- परावर्तन क्रिया
- समायोजन क्रिया
- कानों की स्वच्छता और सुरक्षा के लिए किस रासायनिक द्रव का उपयोग किया जा सकता है?
- एसिटिक एसिड
- अल्कोहल
- Hydrogen Peroxide
- सल्फ्यूरिक एसिड
- जो व्यक्ति सुन नहीं सकता, वह किस चीज़ के आनन्द से सर्वथा वंचित रह जाता है?
- केवल भोजन के
- रंगों को देखने से
- सांसारिक चहचहाहट, अनुभूति एवं संगीतमय वातावरण से
- खुशबू का अहसास करने से
- समाज में बहरे व्यक्ति में प्रायः किस भावना का विकास हो जाता है क्योंकि वह दूसरों की बात नहीं सुन पाता?
- क्रोध की भावना
- ‘हीनता’ की भावना
- अहंकार की भावना
- श्रेष्ठता की भावना
- तीव्र प्रकाश होने पर पुतली स्वतः कैसी हो जाती है?
- सिकुड़कर छोटी हो जाती है
- नष्ट हो जाती है
- फैल जाती है
- चौड़ी हो जाती है
- तेज़ प्रकाश में पुतली का आकार कैसा हो जाता है?
- कोई परिवर्तन नहीं होता
- छोटा जाता है
- बड़ा हो जाता है
- बंद हो जाता है
- नाक का बाह्य नासा-द्वार भीतर की ओर एक कोठरी में खुलता है, उसे क्या कहते हैं?
- कण्ठ कोष
- मुख गुहा
- कर्ण मार्ग
- नासा कोष
- अध्ययन के लिए त्वचा को मुख्य रूप से कितने भागों या परतों में बाँटा गया है?
- दो भागों में
- चार भागों में
- तीन भागों में
- पाँच भागों में
- बाह्य त्वचा की कोशिकाओं को भी आन्तरिक रूप से कितने स्तरों या परतों में विभाजित किया गया है?
- दो स्तरों में
- कोई स्तर नहीं होता
- दस परतों में
- तीन अथवा चार परतों में
- लेंस को अपने स्थान पर स्थिर रखने वाली पेशियाँ कौन-सी हैं?
- मोल-पेशियाँ
- कंकाल पेशियाँ
- रेखित पेशियाँ
- हृदय पेशियाँ
- आइरिस के ठीक पीछे स्थित पारदर्शक और लचीला लेंस किस आकार का होता है?
- उभयोत्तल
- बेलनाकार
- समतल
- अवतल
- आँख के गोले की दीवार मुख्य रूप से कितनी परतों की बनी होती है?
- तीन परतों की
- पाँच परतों की
- दो परतों की
- चार परतों की
- कान के किस भाग पर मैल जम जाने से भी व्यक्ति को ऊँचा सुनाई देने लगता है?
- कान के पर्दे पर
- कॉक्लिया पर
- अर्द्धचन्द्राकार नलिकाओं पर
- पिन्ना पर
- नेत्रों में किस प्रकार की वस्तुओं को देखने के लिए सामान्यतः समायोजन की आवश्यकता नहीं पड़ती?
- अंधेरे में रखी वस्तुओं के लिए
- दूर की वस्तुओं के लिए
- बहुत पास की वस्तुओं के लिए
- बहुत सूक्ष्म वस्तुओं के लिए
- श्रृंगी स्तर के ठीक नीचे स्थित जीवित कोशिकाओं की परत को क्या कहते हैं जहाँ कोशिकाएँ विभाजित होती हैं?
- वसा स्तर
- मैलपीघियन स्तर
- कॉर्निया स्तर
- मृत स्तर
- हमारे जीवन में सुनने का कार्य करने वाली इन्द्रिय को क्या कहते हैं?
- स्वादेन्द्रिय
- घ्राणेन्द्रिय
- श्रवणेन्द्रिय अथवा कान
- दृश्येन्द्रिय
- चेहरे पर आँख के बाहर और चौड़े पंखे के समान उपस्थित संरचना क्या कहलाती है?
- मध्य कर्ण
- बाह्य कर्ण
- कॉर्निया
- अन्तः कर्ण
- बाह्य त्वचा को और किस नाम से भी जाना जाता है?
- सच्ची त्वचा
- तंत्रिका परत
- झूठी त्वचा
- माँसपेशी परत
- अन्तः त्वचा बाह्य त्वचा की परत से सामान्यतः कितनी गुनी मोटी होती है?
- चौगुनी
- दस गुनी
- तीन गुनी
- दोगुनी
- कान से मस्तिष्क तक ध्वनि के संकेतों को ले जाने वाली नस/नाड़ी को क्या कहते हैं?
- प्रेरक तन्त्रिका
- स्वाद तन्त्रिका
- दृष्टि तन्त्रिका
- श्रवण तन्त्रिका
- कॉक्लिया के भीतर स्थित लम्बी कोशिकाओं के स्वतंत्र सिरों पर उपस्थित बालों जैसी संरचना को क्या कहते हैं?
- श्रवण रोयें
- बरौनियाँ
- फ्लैजेला
- सीलिया
- नासा कोष के पृष्ठ भाग में स्थित कोशिकाओं को क्या कहा जाता है?
- प्रकाश-संवेदी कोशिकाएँ
- स्वाद कोशिकाएँ
- श्रवण कोशिकाएँ
- संवेदक-कोशिकाएँ अथवा घ्राण कोष
- श्वसन-तन्त्र के मुख्य अवयवों में से एक कौन-सा अंग है जो सूँघने की क्रिया भी करता है?
- जीभ
- नाक
- त्वचा
- कान
- कान के सबसे बाहरी दिखने वाले भाग को किस नाम से जाना जाता है?
- अन्तः कर्ण
- मध्य कर्ण
- बाह्य कर्ण
- श्रवण तन्त्रिका
- निचली पलक के अन्तिम सिरे पर स्थित छोटा छिद्र क्या कहलाता है?
- पीत-बिन्दु
- नासिका अश्रु नलिका का शुरुआती छिद्र
- पुतली
- अन्ध-बिन्दु
- कान का मैल निकालने के लिए किसका उपयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए?
- डॉक्टर की दवाई का
- सूती कपड़े का
- सरसों के तेल का
- तिनके
- कला गहन के भीतर भरे रहने वाले विशेष द्रव को क्या कहते हैं?
- एण्डोलिम्फ
- काचाभ द्रव
- पेरिलिम्फ
- जलीय द्रव
- हमारे समस्त शरीर में त्वचा के नीचे पाए जाने वाले वे गढ्ढे क्या कहलाते हैं जहाँ से बाल बाहर निकलते हैं?
- बालों के उगने के गढ्ढे
- पसीने के छिद्र
- रक्त जाल
- तेल ग्रंथियाँ
- कला गहन के भीतर बहने वाले श्वेत रंग के बाहरी द्रव को क्या कहते हैं?
- पेरिलिम्फ
- काचाभ द्रव
- एण्डोलिम्फ
- जलीय द्रव
- बाह्य त्वचा का निर्माण किस प्रकार की कोशिकाओं से हुआ है जिनमें निरंतर ह्रास होता रहता है?
- विभिन्न प्रकार की मृत कोशिकाओं से
- तंत्रिका कोशिकाओं से
- रक्त कोशिकाओं से
- वसा कोशिकाओं से
- लेंस के मोटा होने से कौन-सी वस्तुएँ सुगमता से दिखाई देने लगती हैं?
- निकट की वस्तुएँ
- केवल आसमान के तारे
- बहुत दूर की वस्तुएँ
- अदृश्य वस्तुएँ
- बाह्य कर्ण के पुनः मुख्य रूप से कितने भाग होते हैं?
- चार भाग
- पाँच भाग
- तीन भाग
- दो भाग
- लेंस के आगे वाले छोटे कोष्ठ में भरे पानी जैसे पारदर्शक द्रव को क्या कहते हैं?
- जलीय द्रव
- काचाभ द्रव
- जीवद्रव्य
- अश्रु जल
- रेटिना मुख्य रूप से किन सूक्ष्म कोशिकाओं से बनी होती है?
- तंत्रिकाक्ष और दुम्राश्म
- आरबीसी और डब्ल्यूबीसी
- रॉड्स और शंकु
- उपकला कोशिकाएं
- रेटिना का वह भाग जहाँ से दृष्टि तन्त्रिका मस्तिष्क में जाती है और वहाँ कोई प्रतिबिंब नहीं बनता, उसे क्या कहते हैं?
- पुतली
- अन्ध-बिन्दु
- लेंस
- पीत-बिन्दु
- नाक द्वारा मुख्य रूप से कौन-से दो कार्य सम्पन्न होते हैं?
- संतुलन और स्पर्श
- स्वास लेने में और सूँघना
- बोलना और चबाना
- देखना और सुनना
- पसीने की ग्रन्थियों का मुख्य कार्य क्या है?
- तेल बनाना
- रक्त का थक्का जमाना
- शरीर का दूषित पदार्थ पसीने के रूप में बाहर निकालना
- बालों को उगाना
- अन्तः कर्ण के मध्य भाग को क्या कहा जाता है जिसमें एक छोटा छिद्र झिल्ली से ढका होता है?
- कॉक्लिया
- कर्ण मार्ग
- वेस्टीब्यूल
- पिन्ना
- पुतली का मुख्य कार्य क्या है?
- लेंस को पकड़ना
- आँख के भीतर प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करना
- रंग की पहचान करना
- आँसू बनाना
- अन्तः कर्ण की जटिल आकृति के कारण इसे और किस नाम से जाना जाता है?
- वायु कोष्ठ
- शंख गुहा
- भूल-भुलैया
- अस्थि पिंजर
- निम्नलिखित में से कौन-सा मस्तिष्क का विकार भी बहरेपन का कारण बनता है?
- सिरदर्द
- याददाश्त कम होना
- चक्कर आना
- मस्तिष्क झिल्ली की सूजन
- कान के किस मुख्य भाग को ‘कर्णपाली’ या पिन्ना भी कहा जाता है?
- अन्तः कर्ण को
- मध्य कर्ण को
- कॉक्लिया को
- बाह्य कर्ण
- कानों को रोग-मुक्त रखने के लिए शरीर के किन अन्य अंगों को भी रोग-मुक्त रखना आवश्यक है?
- केवल पैरों को
- केवल नाखूनों को
- गले व नाक को
- केवल पेट को
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