बहुविकल्पीय 1 × 20 = 20
निम्नलिखित में से प्रत्येक में सही उत्तर को रगंइए —
- पंजाब में हड़प्या के अतिरिक्त किस स्थान से सैंधव सभ्यता के प्राचीन अवशेष प्राप्त हुए हैं ?
- रहमान ढेरी
- सराय खोला
- जलीलपुर
- उपर्युक्त सभी।
- सिन्धु घाटी की सभ्यता समकालीन मानी जाती है –
- सुमेरिया सभ्यता
- चीन सभ्यता
- मेसोपोटामिया की सभ्यता
- बेबीलोन की सभ्यता
- सिन्धु सभ्यता से संबंधित कौन-सा पुरास्थल गुजरात प्रदेश में स्थित है ?
- भोगत्रार
- हुलास
- सराय खोला
- संघोल
- मोहनजोदड़ीं से प्राप्त मुख्य नाली का आकार है –
- 10 इंच गहरा 5 इंच चौड़ा
- 12 इंच गहरा 9 इंच चौड़ा
- 10 इंच गहरा 9 इंच चौड़ा
- 12 इंच गहरा 10 इंच चौड़ा
- निम्नलिखित में से किस विद्वान् ने सिन्धु सभ्यता के विनाश का कारण मलेरिया, महामारी जैसी प्राकृतिक आपदाओं को बताया है –
- ह्वीलर
- के. यू. आर केनेडी
- स्टुवर्ट पिगट
- उपर्युक्त में से कोई नहीं।
- निम्नलिखित में से वह कौन-सा कथन है जहाँ हल चलाने का साक्ष्य प्राप्त हुआ है?
- रंगपुर
- हड़प्पा
- आलमगीरपुर
- कालीबंगा
- सैंधव सभ्यता से संबंधित स्थल चन्हुदड़ों की सर्वप्रथम खोज की थी –
- एच. जी. मजूमदार ने
- आर. सी. मजूमदार ने
- एन. जी. मजूमदार ने
- आर. जी. मजूमदार ने
- सिन्धुकालीन भवनों के निर्माण में प्रयोग किया जाता था –
- कच्ची ईंटों का
- पक्की ईंटों का
- टाइल्सों का
- उपर्युक्त सभी
- सिन्धुवासी सीसा (Lead) का आयात करते थे –
- सौराष्ट्र से
- महाराष्ट्र से
- दक्षिण भारत से
- मध्य एशिया से
- अश्व होने का साक्ष्य प्राप्त हुआ है –
- लोथल, हडप्पा बबावली
- लोथल, सुरकोटडा
- लोथल, बनावली
- रोपड़
- हड़प्या लिपि से सर्वाधिक साम्य रखती है –
- खरोष्ठी लिपि
- ब्राह्यी लिपि
- द्रविड़ लिपि
- देवनागरी
- बलूचिस्तान में स्थित नहीं हैं –
- सुरकोटडा
- बालकोट
- सोतकाकोह
- सुतकागेंडारे
- गुजरात राज्य के कच्छ जिले में स्थित स्थल सुरकोटडा का सर्वप्रथम खोज की थी –
- माधोस्वरूप वत्स
- एस. आर. राव ने
- जगपति जोशी ने
- एन. जी. मजूमदार ने
- सिन्धु सभ्यता का क्षेत्रफल किस आकार का था ?
- आयताकार
- वर्गाकार
- वृत्ताकार
- त्रिभूजाकार
- हड़प्या सभ्यता से संबंधित स्थल कुंतासी स्थित है –
- राजस्थान में
- उत्तर प्रदेश में
- गुजरात में
- कहीं नहीं।
- सिन्धु सभ्यता मेसोपोटामि या संस्कृति की थी’ यह कथन था -
- ह्वीलर
- गार्डन
- उपर्युक्त दोनों
- इनमें से कोई नहीं
- हड़प्पा में सर्वप्रथम बड़ी संख्या में ईटें प्राप्त हुई है –
- 1826 में
- 1831 में
- 1920 में
- 1921 में
- मोहनजोदड़ों नगर बसा हुआ था –
- 20 किलोमीटर के घेरे में
- 15 किलोमीटर के घेरे में
- 10 किलोमीटर के घेरे में
- 5 किलोमीटर के घेरे में
- हडप्पा सभ्यता के लोग उपासना करते थे –
- विष्णु की
- वरुण की
- मातृदेवी की
- इंद्र की
- सैंधव सभ्यता के उत्खनन में प्राप्त अनेक बाँटों में सबसे छोटे बाँट का वजन है –
- 10 ग्राम
- 12 ग्राम
- 13 ग्राम
- 13.64 ग्राम
- सिन्धु सभ्यता से संबंधित स्थल रोपड़ का उत्खनन कार्य कराया था –
- एस. एस. तलवार
- रविंद्र सिंह विष्ट
- वाई. डी. शर्मा
- एन. जी. मजूमदार
- सिन्धु घाटी सभ्यता की गलि यों की चौड़ाई थी –
- 6 फुट
- 5 फुट
- 4 फुट
- 3 फुट
- निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है ?
- सिन्धु सभ्यता नगरीय सभ्यता थी
- सिन्धु सभ्यता ग्रामीण सभ्यता थी
- सिन्धु सभ्यता मिश्रित सभ्यता थी
- सिन्धु सभ्यता आदिम सभ्यता थी
लघु उत्तरीय प्रश्न 10 × 2 = 20
- हड़प्पावासियों द्वारा सिंचाई के लिए प्रयोग में लाये जाने वाले साधनों के नामों का उल्लेख कीजिए।
- मोहनजोदड़ों के सार्वजनिक स्नानागार के विषय में लिखें।
- सिन्धु घाटी सभ्यता में उत्पादित होने वाले चार प्रमुख कृषि उत्पादों के नाम लिखें।
- सिन्धु घाटी सभ्यता की जल निकासी प्रणाली की दो विशेषताएँ लिखें।
- सिन्धु घाटी सभ्यता में मनका कैसे बनाया जाता था?
- मोहनजोदड़ो के विशाल स्नानागार का वर्णन करें।
- हड़प्पा सभ्यता के चार प्रमुख केन्द्रों के नाम बतायें।
- हड़प्पा कालीन सिंचाई के दो साधनों को बताइए।
- हड़प्पा सभ्यता की किन्हीं दो विशेषताओं का उल्लेख करें।
- हड़प्पा सभ्यता के चार प्रमुख नगरों के नाम बताइए।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 2 × 5 = 20
- सिन्धु घाटी सभ्यता के पतन के कारणों की समीक्षा करें।
- सिन्धु घाटी सभ्यता के नगर नियोजन प्रणाली का वर्णन करें।
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